बल्लेबाज युवराज सिंह इन दिनों भारतीय टीम में वापसी के लिए खूब मेहनत कर रहे हैं. युवराज सिंह यो-यो टेस्ट पास करने के मकसद से बेंगलुरु स्थित नेशनल क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में जमकर पसीना बहा रहे हैं. लेकिन बीसीसीआई को यह रास नहीं आ रहा है. क्योंकि इस रणजी सीजन में युवराज ने पंजाब की ओर से सिर्फ एक मैच अभी खेले हैं, जबकि पंजाब चार मैच खेल चुका है. युवराज ने इस मैच में 20 और 42 रन बनाए थे, लेकिन उसके बाद युवराज ने एक भी मैच नहीं खेला. बीसीसीआई को यह बात इसलिए भी रास नहीं आ रहा है, क्योंकि युवराज को कोई चोट भी नहीं लगी है फिर भी वो रणजी मैच को छोड़कर एनसीए में पसीना बहा रहे हैं. अभी हाल ही में 38 वर्ष की उम्र में तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने अपने होम ग्राउंड दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में संन्यास की घोषणा की थी. अब अटकलें लगाई जा रही हैं कि युवराज भी श्रीलंका के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज में संन्यास ले सकते हैं.
श्रीलंका के खिलाफ पहले वनडे मैच धर्मशाला में खेला जाएगा, जबकि दूसरा मैच मोहाली क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जाएगा. मोहाली युवराज का होम ग्राउंड भी है. सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि बीसीसीआई ने यह संदेश युवराज तक पहुंचा दिया है कि वो चाहें तो अपने होम ग्राउंड मोहाली में संन्यास ले सकते सकते हैं. लेकिन युवराज के एक करीबी ने बताया कि यह बीसीसीआई कैसे निर्धारित कर सकता है कि कौन सा खिलाड़ी कब संन्यास लेगा.
युवराज जल्दी ही 36 साल को हो जाएंगे और टीम मैनेजमेंट को भी शायद लगता है कि वह 2019 के विश्व कप में टीम की योजनाओं के हिस्सा नहीं हैं. तभी तो चयनकर्ता लगातार उनकी अनदेखी कर रहे हैं. युवी के एक करीबी ने बताया कि युवराज हर हाल में 2019 का विश्व कप खेलना चाहते हैं और टीम के लिए एक बार फिर से विश्व कप की ट्रॉफी को जीतना चाहते हैं.

